वर्ष 1998 से लगातार आयुर्वेद जड़ी बूटियों को पूरी प्रमाणिकता से सम्पूर्ण भारत में उपलब्ध कराया। पहले लोगो का मानना था कि बडे शहरों में मिलने वाली सामग्री ही अच्छी व श्ुाद्ध होती है लेकिन इस धारणा को वर्षो की मेहनत लगन से बदला ओर स्थापित किया कि शुद्ध, ताजी, प्रभावी एवं दुर्लभ जडीबुटियां तो घने वन क्षेत्रों वाले राज्यो में नैसर्गिक रुप से मिलती है ओर प्रदुषण मुक्त वातावरण में उगती है । मध्यप्रदेश/ छत्तीसगढ़ एवं लगे पड़ोसी वनक्षेत्रो में भरपूर औषधियां मिलती है । इनका संकलन,सवंर्धन व वैज्ञाानिक कसौटी पर परीक्षण कर उपलब्ध कराने का काम अनवरत जारी है । सालों के शोध (रिसर्च) के बाद एक-एक उत्पाद (product)'पंरपरा वही तरीका नई की सोच' और मूल आयुर्वेदानुसार तय हुए ।
आम लोगों में रसायन मुक्त उत्पाद एवं भारतीय ज्ञाान पंरपरा में जीवन शैली की चर्चा के लिए देश के कई शहरों में लेक्चर व सेमीनार 1 से 5 दिन तक की कार्यशालाएं आयोजित की जाती है । संस्था प्रमुख नाड़ी वैद्य प्रदीप त्रिपाठी जी का मंत्र स्वस्थ व्यक्ति का स्वास्थ्य को प्राथमिकता के आधार पर हजारों लोगों को आहार विहार और व्यवहार में भारतीय जीवन दर्शन को लेकर लगातार जागरुक कर रहें है । व्यक्तिगत प्रतिष्ठा, मान सम्मान, धन -दौलत ब्रान्ड कम्पनी से ऊपर उठकर रसायन मुक्त आयुर्वेदिक उत्पाद, स्वदेशी विचार,जैविक-कृषि, नियंत्रित भौतिक जीवन एवं संतुलित, सक्षम, समृद्ध परिवार के लिये लगातार प्रयासरत है । लगभग 5 हजार से अधिक लोगों (70 % महिलाएं सहित )को स्किल डेवलपमेन्ट के माध्यम से सम्मान सहित पेशेवर बना आत्मनिर्भर बनाया है। आयुर्वेद के कई आयाम जो लुप्तप्राय हो गये थे या अन्य विदेशी नामों से पुनः भारत में आ रहे थे आज उसको देखने की भारतीय दृष्टि पुनः बनी । विशेषकर (अरोमाथेरेपी) सुगंध चिकित्सा आयुर्वेद युक्त सौंदर्य सामग्री में 100% रसायनमुक्त सोच को विकसित किया ।
छोटे -बड़े गाँव-शहरो के युवाओं को जड़ीबूटियांे की खेती हेतु प्रेरित कर जैविक खेती अनाज को बढ़ाने का काम जारी है । पिछले 25 वर्षों में विभिन्न टेलीविजन चैनलों(रिकार्डड-लाइव) कार्यक्रमों समाचार पत्रों में अनगिनत लेखों से भारतीय परंपरा, आयुर्वेद, योग, सात्विक आहार विहार, संतुलित दिनचर्या, भारत के वार, त्योहार,श्रृंगार,व्यवहार,पूजा पाठ और संस्कार पर एक सकारात्मक विमर्श करने में निश्चित सफलता मिली ओर भविष्य में भी बहुत ही सकारात्मक वातावरण भी बना हुआ है ।